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हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु11

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 11* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ         _*ह़िकायत*_ अह़मद बिन उमर बिन मिक़दाम राज़ी (रहमतुल्लाह तआला अलैह) कहते हैं कि एक मक्खी (बाद शाह) मंसूर के चेहरे पर बैठी मंसूर ने मक्खी को उड़ा दिया वह दोबारा आ बैठी यहां तक की वह तंग आ गया उस वक़्त इमाम जाअ़्फर सादिक़ (रदियल्लाहु तआला अन्हु) मंसूर के पास मौजूद थे मंसूर ने आपसे दरयाफ़्त किया ऐ अबा अब्दुल्ला अल्लाह तआला ने मक्खी को क्यूं पैदा फ़रमाया आप ने इरशाद फ़रमाया इसलिए की ज़ालिम व जाबिर को जलील करें इस जवाब को सुनकर मंसूर चुप हो गया।                                   *📚 تزکرہ مشائخ قادریہ رضویہ صفحہ:158* _✍🏻 बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله_ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴* https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु10

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 10* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ _*ईसार व क़ुर्बानी*_ हज़रत इमाम जाअ़्फर सादिक़ (रदियल्लाहु तआला अन्हु) खान्दाने नबूवत के चश्मो चिराग़ थे आपके अख्लाक़े करीमाना व ईसार व क़ुर्बानी के बेशुमार वाक़ियात तारीख में भरे पड़े हैं सिर्फ एक वाक़िये से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि रब्बे क़ाएनात ने आपको कैसा ईसार व क़ुर्बानी का पैकर बनाया। वाक़िआ ये है कि एक शख़्स की दीनारों की थैली गुम हो गई उस नादान ने आप को पकड़ कर कहा मेरी थैली आपने ली है उस बे ख़बर ने आपको पेहचाना नहीं और बिला वजह इल्ज़ाम लगा दिया आपने फ़रमाया बताओं तुम्हारी थैली में कितनी रक़म थी उसने कहा थैली में एक हज़ार दीनार थे आप उसको अपने दौलत कदे पर ले गए और एक हज़ार दीनार उसको मरह़मत फ़रमाऐ दूसरे दिन ऊसकी गुम शुदा थैली मिल गई तो दौड़ा हुआ आपकी बारगह में आया और मा'ज़र्त करते हुए वह हज़ार दीनार वापस करने लगा आपने इरशाद फ़रमाया यह माल तुम्हारा हो गया इसलिए की हम लोग जिस चीज़ को दे देते है...

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु09

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 09* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ                         _*क़िमती लिबास:*_ इसी तरह़ एक मर्तबा का वाक़िया है कि आप को लोगों ने बहोत ही उम्दा व बेश क़ीमती लिबास ज़ेबे तन किये हुए देखा एक शख़्स ने आपसे दरयाफ़्त किया ऐ इब्ने रसूलुल्लाह इतना क़ीमती लिबास अहले बैते किराम को ज़ेबा नहीं यह सवाल सुनकर आपने उसका हाथ पकड़ कर आस्तीन के अंदर खिंच कर दिखाया कि देखो ये क्या है? उसने आपको अंदर टाट जैसा खुर्दार लिबास पहने हुए देखा आपने इरशाद फ़रमाया ये अन्दर वाला ख़ालिक़ के लिए है और ऊपर वाला उम्दा लिबास मख्लूक़ के वास्ते।                                   *📚 تزکرہ مشائخ قادریہ رضویہ صفحہ:158* _✍🏻 बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله_ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴* https://chat.what...

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु08

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 06* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ आप इन्तिहाई बुलन्द मक़ाम और नेक ख़स्लत थे और सिफ़ाते ज़ाहिरी से आरासता और रोशनिए बात़िन से पैरास्ता थे ग़ुर्बा व मसाकीन के साथ बड़ी दिल जोई के साथ पेश आते थे।                   मन्क़ूल है कि एक दिन आप अपने ग़ुलामों के साथ बैठे हुए थे और उनसे क-ह रहे थे कि आओ इस चीज़ का अह़द करें और एक दूसरे के हाथ में हाथ दे कर वाअ़्दा करें कि क़यामत के रोज़ हम्मेसे जो कोई निजात पाए वो बाक़ी सबकी सफ़ाअ़्त करे उन लोगों ने कहां: ऐ इब्ने रसूलुल्लाह आप को हमारी सफ़ाअ़्त की क्या ह़ाजत है इसलिए कि आप के नाना जान तो ख़ुद तमाम मख्लूक़ की शफाअ़त करने वाले हैं तो आप ने फ़रमाया: मुझे शर्म आती है कि अपने आ़माल के साथ क़यामत के दिन अपने नाना जान के सामने जा कर उनसे आंखें चार कर सकूं। {اَللّٰهُ اَکْبَرْ} हज़रत दाऊद त़ाई (रहमतुल्लाह तआला अलैह) एक मर्तबा आप की ख़िदमत में आए और कहां: ऐ फर्ज़...

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु07

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 06* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ आप इन्तिहाई बुलन्द मक़ाम और नेक ख़स्लत थे और सिफ़ाते ज़ाहिरी से आरासता और रोशनिए बात़िन से पैरास्ता थे ग़ुर्बा व मसाकीन के साथ बड़ी दिल जोई के साथ पेश आते थे।                   मन्क़ूल है कि एक दिन आप अपने ग़ुलामों के साथ बैठे हुए थे और उनसे क-ह रहे थे कि आओ इस चीज़ का अह़द करें और एक दूसरे के हाथ में हाथ दे कर वाअ़्दा करें कि क़यामत के रोज़ हम्मेसे जो कोई निजात पाए वो बाक़ी सबकी सफ़ाअ़्त करे उन लोगों ने कहां: ऐ इब्ने रसूलुल्लाह आप को हमारी सफ़ाअ़्त की क्या ह़ाजत है इसलिए कि आप के नाना जान तो ख़ुद तमाम मख्लूक़ की शफाअ़त करने वाले हैं तो आप ने फ़रमाया: मुझे शर्म आती है कि अपने आ़माल के साथ क़यामत के दिन अपने नाना जान के सामने जा कर उनसे आंखें चार कर सकूं। {اَللّٰهُ اَکْبَرْ} हज़रत दाऊद त़ाई (रहमतुल्लाह तआला अलैह) एक मर्तबा आप की ख़िदमत में आए और कहां: ऐ फर्ज़...

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु06

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 06* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ आप इन्तिहाई बुलन्द मक़ाम और नेक ख़स्लत थे और सिफ़ाते ज़ाहिरी से आरासता और रोशनिए बात़िन से पैरास्ता थे ग़ुर्बा व मसाकीन के साथ बड़ी दिल जोई के साथ पेश आते थे।                   मन्क़ूल है कि एक दिन आप अपने ग़ुलामों के साथ बैठे हुए थे और उनसे क-ह रहे थे कि आओ इस चीज़ का अह़द करें और एक दूसरे के हाथ में हाथ दे कर वाअ़्दा करें कि क़यामत के रोज़ हम्मेसे जो कोई निजात पाए वो बाक़ी सबकी सफ़ाअ़्त करे उन लोगों ने कहां: ऐ इब्ने रसूलुल्लाह आप को हमारी सफ़ाअ़्त की क्या ह़ाजत है इसलिए कि आप के नाना जान तो ख़ुद तमाम मख्लूक़ की शफाअ़त करने वाले हैं तो आप ने फ़रमाया: मुझे शर्म आती है कि अपने आ़माल के साथ क़यामत के दिन अपने नाना जान के सामने जा कर उनसे आंखें चार कर सकूं। {اَللّٰهُ اَکْبَرْ} हज़रत दाऊद त़ाई (रहमतुल्लाह तआला अलैह) एक मर्तबा आप की ख़िदमत में आए और कहां: ऐ फर्ज़...

हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु05

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴 *🥀 हज़रत इमाम जअफ़र सादिक़ रज़ियल्लाहु अन्हु 🥀*  *🕋 05* بِسْــــــمِ اللّٰهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِىْمِ اَلصَّــلٰوةُ وَالسَّلَامُ عَلَيْكَ يَا رَسُوْلَ اللّٰه ﷺ आप छठे इमाम सिलसिला-ए मसाइखे क़ादरिया रज़वीया के हैं और बड़े साहब ज़ादे हज़रत इमाम मुह़म्मद बाक़िर (रदियल्लाहु तआला अन्हु) के हैं आप के फज़ाइल व मनाक़िब बेशुमार हैं। आप को अगर मिल्लते नबवी का सुल्तान और दीने मुस्तफवी का बुरहान कहें तो बजा व दुरुस्त है। आप वक़्त के इमाम अहले ज़ौक़ के पेशरो साह़िबान इश्क़ व मह़ब्बत  के पेशवा थे। आ़बिदीन के मुक़द्दम और ज़ाहिदों के मुकर्रम थे। आप ने तरीक़त की बेशुमार बातें ब्यान फ़रमाई हैं और अक्सर रिवायात आपसे मरवी हैं आप को हर इ़ल्म व इशारत में ह़द दर्जा कमाल था और आप ब्रगूज़ीदा जुमला मशाइखे इज़ाम थे सबका आप के ऊपर ऐ़तिमाद था और आप को पेशवाए मुत़लक़ जानते थे। _*📚 تزکرہ مشائخ قادریہ رضویہ صفحہ:١٥٥*_ _✍🏻 बाक़ी अगली पोस्ट में..ان شاء الله_ 👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑 *🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC